सरकार का बड़ा फैसला : एटीएम से नहीं निकलेंगे 500 रुपये के नोट, जानिए क्या है वजह 

 

नई दिल्ली। इन दिनों सोशल मीडिया पर 500 रुपये के नोट को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। कई वायरल पोस्ट और मैसेज में दावा किया जा रहा है कि मार्च 2026 से एटीएम में 500 रुपये के नोट मिलना बंद हो जाएंगे। इस तरह के दावों ने आम लोगों के मन में चिंता और भ्रम पैदा कर दिया है।

लेकिन सवाल यह है कि इस दावे की सच्चाई क्या है और सरकार का इस पर क्या रुख है?

 

सोशल मीडिया पर कैसे फैली अफवाह?

दरअसल, यह भ्रम उस वक्त पैदा हुआ जब पिछले साल सरकार ने बैंकों को एटीएम में छोटे मूल्यवर्ग के नोटों की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों का मकसद यह था कि 100 और 200 रुपये जैसे छोटे नोट ज्यादा संख्या में लोगों को मिल सकें, ताकि रोजमर्रा के लेनदेन में सहूलियत हो।

कुछ लोगों ने इस फैसले को गलत तरीके से यह समझ लिया कि सरकार 500 रुपये के नोट को धीरे-धीरे एटीएम से हटाने जा रही है, जबकि ऐसा कोई निर्देश कभी दिया ही नहीं गया।

 

सरकार का निर्देश क्या था?

सरकार और रिजर्व बैंक से जुड़े दिशा-निर्देशों में सिर्फ इतना कहा गया था कि ATM से छोटे नोटों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसका उद्देश्य छुट्टे पैसों की समस्या को कम करना था।

इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं था कि 500 रुपये के नोट को बंद करने या उसकी छपाई रोकने की कोई योजना बनाई गई है।

 

PIB Fact Check में दावा पूरी तरह खारिज

सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी PIB ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। Fact Check में साफ कहा गया है कि 500 रुपये के नोट को बंद करने या एटीएम से हटाने को लेकर सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है।

PIB के मुताबिक, इस तरह के दावे न सिर्फ भ्रामक हैं, बल्कि लोगों को गुमराह करने की कोशिश भी हैं।

 

500 रुपये का नोट पूरी तरह वैध

सरकार ने स्पष्ट किया है कि 500 रुपये के नोट पहले की तरह पूरी तरह Legal Tender हैं। इन नोटों से लेनदेन करने में किसी भी तरह की कोई रोक नहीं है और न ही भविष्य में ऐसी किसी योजना पर विचार किया जा रहा है।

लोग बिना किसी डर या संकोच के 500 रुपये के नोट का इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

पहले भी फैल चुकी हैं ऐसी अफवाहें

यह पहली बार नहीं है जब 500 रुपये के नोट को लेकर ऐसी अफवाहें फैलाई गई हों। इससे पहले भी कई बार कथित नोटबंदी या 500 रुपये के नोट बंद होने के दावे सामने आ चुके हैं।

हाल ही में जून महीने में भी PIB ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साफ किया था कि मार्च 2026 में नोटबंदी से जुड़े सभी दावे पूरी तरह झूठे हैं।

 

सरकार की अपील

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अप्रमाणित खबरों पर भरोसा न करें। किसी भी जानकारी को आगे साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से उसकी पुष्टि जरूर करें।

अफवाहें न सिर्फ भ्रम फैलाती हैं, बल्कि आर्थिक व्यवस्था पर भी असर डाल सकती हैं।

 

 

 

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